याद आता नहीं
कर्मों का फल है जो,
ईश्वरीय वरदान है वो,
सोच समझकर करने का,
मानव तु भुल जाता हैं क्युं,
कलयुग में कल्याण का,
्यही एक मार्ग....
यही भुल जाता है क्युं,
तेरी दुनिया बनी कर्मों से,
मानव यह याद आता नहीं क्युंं ।
......स्मृति
ईश्वरीय वरदान है वो,
सोच समझकर करने का,
मानव तु भुल जाता हैं क्युं,
कलयुग में कल्याण का,
्यही एक मार्ग....
यही भुल जाता है क्युं,
तेरी दुनिया बनी कर्मों से,
मानव यह याद आता नहीं क्युंं ।
......स्मृति
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