जननी
शक्ति का संबल हैं तुझमें,
पोषण का वह मर्म हैं तुझमें,
प्रकृति के पालन का संघर्ष है तुझमें,
जीवन का हर दर्द है तुझमें ,
दिखने में लाचारी, बेबसी लगे तुझमें,
भरें मन में ज्वाला सा अंगार हैं तुझमें,
साथ मिला जब अपने अंग का,
मजबुत हुआ एक कोना दिल का ,
लगे बुनने जीवन तुझमें,
है जननी जीवन है तुझमें ।
…स्मृति
पोषण का वह मर्म हैं तुझमें,
प्रकृति के पालन का संघर्ष है तुझमें,
जीवन का हर दर्द है तुझमें ,
दिखने में लाचारी, बेबसी लगे तुझमें,
भरें मन में ज्वाला सा अंगार हैं तुझमें,
साथ मिला जब अपने अंग का,
मजबुत हुआ एक कोना दिल का ,
लगे बुनने जीवन तुझमें,
है जननी जीवन है तुझमें ।
…स्मृति
जननी तुझमें बसी हैं हम बच्चों की जान हैं अगर हुआ कोई एह्सान है तो माँ का दिया जहान हैं लिखते बहुत हैं माँ की कहानियाँ, सुनते है, माँ कि जुबानियाँ कभी तो अपनी ही माँ को जताओ कि हाँ माँ तु तो मेरी जान हो कितना प्यार उडेंलेगी वो खुद की सोच खत्म कर तुम में ही रम जाएगी वो ।
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