कोरोना ने मोड़ा जीवन को
'कोरोना की इस दुनिया ने, दुनिया को एसा झकझकोर दिया ,
हुई दुनिया उस खोफ़ की दिवानी ,
चलता फक़ीर दुनिया डुबो गया, संदेहा तो था सब को,
संदेहा तो था सबको, पर इतना निकट होगा,
यह अंदेशा नहीं था, क्योंकि बैठें हम,
सोचे हम, थी जो मानसिकता इस जीवन में ,
यहीं सोच स्वीकार करी उस इश्वर ने,
आओ इस सोच को बदलें
इस समय को बदलने के लिए ,
फिर से अपनी सोच बदलें,
ध्यान करें अपने अंर्तमन का ,
उन पलों को फिर से सहेजें ,
जो छुट गए थे किसी कोने में' ॥
स्मृति......
हुई दुनिया उस खोफ़ की दिवानी ,
चलता फक़ीर दुनिया डुबो गया, संदेहा तो था सब को,
संदेहा तो था सबको, पर इतना निकट होगा,
यह अंदेशा नहीं था, क्योंकि बैठें हम,
सोचे हम, थी जो मानसिकता इस जीवन में ,
यहीं सोच स्वीकार करी उस इश्वर ने,
आओ इस सोच को बदलें
इस समय को बदलने के लिए ,
फिर से अपनी सोच बदलें,
ध्यान करें अपने अंर्तमन का ,
उन पलों को फिर से सहेजें ,
जो छुट गए थे किसी कोने में' ॥
स्मृति......
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