क्रांति की पुकार

हताशा हो रही थी,भारत को जब,
हर भारतवासी के मन जोश भरा,
क्रांती को लेकर आया एक सेवक,
शेर दिल,स्नेह,शक्ति से भरा,
विश्व के स्थल पटल पर,
भारत का नाम चमकाने्को,
गांधी,पटेल, विवेकानंद के,
स्वच्छ भारत का सपना लेकर,
भारत का भाग्य बदलने को,
भेजा मां ज्वाला ने उस ज्योती को,
प्रकट हुई सिंहासन पर वह ज्योती,
नाम है उनका नरेन्द्र मोदी
                                             स्मृति............  :) 

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