पारितोषिक…
ये कविता मेने अपने स्कूल में पर्यावरण दिवस पर एक्सिस बैंक द्वारा दिये गए सम्मान को अपने शब्द दिये थे ।
पर्यावरण के इस पर्व में, चुना गया हैं, ये स्कूल ,
आ गए, आर एम एस के प्रांगण में,
बरसाने यह फूल।एक्सिस बैंक द्वारा दिया गया सम्मान,
कई स्कूलों ने देखकर, जाग गए अरमान।
कारण था, इस पर्व पर, विश्ववास था जगाना
हर प्रदेश,हर स्कूल, हर जगह
हरियाली के गीत गुनगुनाना ।
प्रारंभ से ही आर एम एस स्कूल ने,
इस नियमबद्धता को है चलाया,
हैं जो संचालिका रत्ना माँ
उन्होंंने ही इस नियम को निभाया।
पोषण देती है जो,
विद्या और अनुशासन के साथ,
उन्हींं प्राचार्या ने, पेड-पौधो को भी प्यार दिया ।
इसीलिए तो आज ………
पूरे आर एम एस परिवार के साथ,
उन्होंने यह सम्मान स्वीकार किया । स्मृति…
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